
- मेरठ में लापता तीन बच्चों की लाश पानी भरे प्लॉट से मिली
- परिजनों ने तंत्र‐मंत्र के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया
- पुलिस का दावा- पानी में डूबने से हुई मौत, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
मेरठ। सिवालखास कस्बे में रविवार को लापता हुए तीन मासूमों की सोमवार सुबह पानी से भरे एक खाली प्लॉट में लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान मानवी (9 वर्ष) पुत्री जितेंद्र, ऋतिक (8 वर्ष) पुत्र हिम्मत और शिबू (8 वर्ष) पुत्र मोनू के रूप में हुई है। तीनों बच्चे रविवार सुबह घर के बाहर ग्राउंड में खेलने निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो बच्चों की गुमशुदगी जानी थाना में दर्ज कराई गई।
सोमवार सुबह करीब छह बजे बच्चों के शव उनके घर से करीब 200 मीटर दूर एक प्लॉट में पानी में उतराए मिले। शवों की हालत देखकर परिजन बेकाबू हो उठे। बच्चों के कान, नाक और सिर से खून निकल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि तंत्र-मंत्र के चक्कर में बच्चों की हत्या कर शवों को यहां फेंका गया है। उनका कहना है कि जिस प्लॉट में शव मिले हैं, वहां रविवार शाम को भी तलाश की गई थी, लेकिन तब बच्चे नहीं थे।
इधर, घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने चौकी पर हंगामा किया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस बल तैनात कर दिया गया।







