
- विभाग पर दलालों के माध्यम से गरीबों का शोषण करने का आरोप
- राम किशोर ने चेतावनी दी: यदि सुधार नहीं, तो सड़क पर आंदोलन
- जिला पूर्ति अधिकारी ने आरोपों को खारिज किया, कहा जांच पारदर्शी तरीके से होती है
अंबेडकरनगर। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए दो हजार रुपये की मांग की जा रही है। बिना पैसे दिए विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही। यह आरोप खुद भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष राम किशोर ने पूर्ति विभाग पर लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर तहसील में पांच से छह दलाल सक्रिय हैं, जो विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से गरीबों का शोषण कर रहे हैं।
नेत्रहीन दंपती की शिकायत पर गरमाया माहौल
बुधवार को अकबरपुर के अटल भवन में भाजपा की बैठक चल रही थी, उसी दौरान टांडा तहसील के एनवा गांव से आए एक नेत्रहीन दंपती ने विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद से मदद की गुहार लगाई। दंपती ने बताया कि कई बार आवेदन देने के बावजूद उनका और बेटे का नाम राशन कार्ड में नहीं जोड़ा गया। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
“गरीबों की थाली से निवाला छीनने वालों को कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं”
शिकायत सुनते ही विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय को बुलाया और फटकार लगाई। विधायक ने कहा, “यह सरकार सेवा के लिए है, उत्पीड़न के लिए नहीं। गरीबों को योजनाओं से वंचित रखना अस्वीकार्य है।”








