
- नैली ग्राम पंचायत में दो माह से विकास कार्य ठप
- मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आदेशों की हो रही अनदेखी
- डीपीआरओ कार्यालय पर कार्यशैली को लेकर सवाल
अम्बेडकरनगर। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा दिए गए लिखित निर्देशों को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अंबेडकरनगर द्वारा दरकिनार किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। नैली ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर लगभग दो महीने से विराम लगा हुआ है। ग्रामीणों के साथ ग्राम प्रधान भी विभागीय उदासीनता से नाराज हैं। अब प्रधान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
दो महीने से लंबित है विकास कार्यों की फाइल
नैली ग्राम पंचायत के प्रधान ने करीब दो माह पूर्व विकास कार्यों में बाधा डाल रहे तथ्यों को लेकर संबंधित विभाग में लिखित शिकायत की थी। मंत्री स्तर से आदेश जारी होने के बावजूद अब तक फाइल आगे नहीं बढ़ सकी। ग्राम प्रधान ने बताया कि वह हफ्ते में चार बार डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, परंतु कभी कहा जाता है कि “फाइल यहां है”, कभी “वहां है”, और इस तरह टालमटोल किया जा रहा है।
अब कोई काम जांच के बाद ही होगा : सचिव
गांव के रुके हुए कार्यों को दोबारा शुरू कराने की मांग पर पंचायत सचिव द्वारा भी स्पष्ट कह दिया गया है कि “अब जब शिकायत हो चुकी है, तो जांच के बाद ही कोई कार्य होगा।” इससे पंचायत के निर्माण कार्य, नाली सफाई, जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी से लेकर आवागमन तक की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव के नागरिकों ने बताया कि शिकायत और जांच के नाम पर उनके हक के कार्य अकारण रुके हुए हैं। कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। विकास की गति रुकने से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की राह पर हैं।








