
अंबेडकरनगर के अकबरपुर विकासखंड की ग्राम सभा लारपुर में सरकारी विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में आ गई है। गांव में अमृत सरोवर, सामुदायिक शौचालय और सीसी सड़क निर्माण जैसे कार्यों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्य कागजों और रिकॉर्ड तक सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर सुविधाएं बदहाल हैं।
सूखा पड़ा अमृत सरोवर, टूटने लगी व्यवस्था
गांव में बनाए गए अमृत सरोवर की स्थिति सबसे अधिक चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार सरोवर में पानी का स्तर बेहद कम है और कई जगह यह पूरी तरह सूखा दिखाई देता है। आसपास लगाई गई सीमेंटेड बेंच भी टूट चुकी हैं।
रखरखाव के अभाव में यह योजना अपनी मूल उपयोगिता खोती नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन नियमित देखरेख नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
महीनों से बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय
गांव में बना सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले यहां साफ-सफाई को लेकर शिकायतें थीं, जिसके बाद थोड़े समय के लिए सफाई कराई गई, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।
शौचालय बंद होने से महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में लोगों को खुले में जाना पड़ रहा है, जो स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल खड़े करता है।









