
- MBA छात्रा अनु गुप्ता की मौत से कैंपस में आक्रोश
- छात्राओं ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप
- महिला आयोग की सदस्य ने हॉस्टल पहुंचकर की जांच
- सुसाइड या हत्या, जांच करेगी विशेष समिति
IIMT University में MBA छात्रा अनु गुप्ता की मौत के मामले में छात्रावास निदेशक और दो वार्डनों को सस्पेंड कर दिया गया है। तीनों पर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 13 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति छात्रा की मौत के कारणों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि मामला आत्महत्या का है या हत्या का।
गुरुवार को Uttar Pradesh State Women’s Commission की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचीं और छात्रा के कमरे का निरीक्षण किया। छात्राओं ने आयोग की सदस्य को बताया कि अनु मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अनु पर 30 हजार रुपए की अटेंडेंस फीस जमा करने का दबाव बना रहा था। साथ ही कुछ शिक्षकों पर देर रात गर्ल्स हॉस्टल में आने और छात्राओं को परेशान करने के आरोप भी लगाए गए।
हॉस्टल की लॉबी में मिला था शव
अनु गुप्ता यूनिवर्सिटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल के रूम नंबर 67 में रहती थी। 20 मई को उसका शव हॉस्टल परिसर में जिम के बाहर खून से लथपथ हालत में मिला था। छात्रा के चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए थे।
सबसे पहले हॉस्टल में काम करने वाली एक मेड ने शव देखा और इसकी जानकारी अन्य छात्राओं को दी। बाद में कॉलेज प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
छात्रों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद यूनिवर्सिटी के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार रात छात्रों ने यूनिवर्सिटी गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. दीपा शर्मा और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को शांत कराया।
करीब एक घंटे चली वार्ता के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद छात्रा के पिता ने Meerut के गंगानगर थाने में यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया।
बाद में अनु गुप्ता का शव उसके पैतृक शहर Saharanpur ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।









