विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की कार्रवाई तेज

  • हवाला नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की गहन पूछताछ
  • अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी, छांगुर व उसके सहयोगी शामिल
  • पाकिस्तान और अन्य विदेशी स्रोतों से आर्थिक मदद का खुलासा

लखनऊ। धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घिरे कथित मास्टरमाइंड छांगुर और उसके नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में ईडी ने सोमवार को छांगुर के करीबी सहयोगी नवीन रोहरा को एनआईए कोर्ट, लखनऊ में पेश किया। विशेष अदालत ने ईडी को 4 दिनों की हिरासत (8 अगस्त तक) में पूछताछ की अनुमति दी है।

ईडी ने कोर्ट से 7 दिन की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि नवीन दुबई में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन, संपत्ति निवेश और छांगुर के नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में अहम जानकारियां रखता है। सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल चार दिन की रिमांड मंजूर की।

दुबई के हवाला लेन-देन और शिपिंग कारोबार पर फोकस

ईडी की जांच का फोकस अब नवीन रोहरा पर है, जो छांगुर के दुबई स्थित शिपिंग बिज़नेस और करीब 60 करोड़ रुपये के हवाला ट्रांजैक्शन का मुख्य साझेदार बताया जा रहा है। जांच एजेंसी पहले ही दुबई में छांगुर की कई संपत्तियों का विवरण जुटा चुकी है। एटीएस और ईडी दोनों संयुक्त रूप से खाड़ी देशों से जुड़े पैसों के फ्लो और नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं।

ईडी की तीन सदस्यीय टीम ने नवीन से घंटों पूछताछ की, जिसमें उसकी दुबई यात्राओं, हवाला चैनलों और धार्मिक गतिविधियों की आड़ में विदेशी फंडिंग जैसे मामलों पर जानकारी ली गई।

पाकिस्तान से फंडिंग स्वीकारने की बात

इससे पहले ईडी ने 1 अगस्त तक छांगुर से सात दिनों तक पूछताछ की थी। पूछताछ में उसने पाकिस्तान समेत विदेशी स्रोतों से फंड मिलने की बात स्वीकार की थी। छांगुर का दावा है कि यह पैसा गरीबों की सेवा और धर्म प्रचार के लिए था। उसने दुबई यात्रा टिकट और व्यवस्थाएं अपने सहयोगियों द्वारा कराए जाने की बात भी कबूली।

वहीं, नीतू नामक महिला के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों को लेकर छांगुर ने दावा किया कि वह उसकी बेहद भरोसेमंद सहयोगी थी।

अब तक 7 गिरफ्तार

अब तक इस मामले में कुल 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें छांगुर, उसका बेटा महबूब, नीतू और नवीन रोहरा शामिल हैं। जांच एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि नवीन की रिमांड से वैदेशिक फंडिंग, हवाला लेन-देन और संपत्ति निवेश के जाल से जुड़े कई नए तार सामने आएंगे।

एजेंसियों की नजर नेटवर्क पर

ईडी और एटीएस अब उन नेटवर्क्स की तलाश में हैं, जिनके माध्यम से विदेशी धन भारत लाकर धर्मांतरण और धार्मिक गतिविधियों की आड़ में जमीन, संपत्ति और कारोबार में लगाया गया।

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