
- तीन प्लॉट की झोपड़ियां चपेट में, कई परिवारों का सब कुछ जलकर राख
- तेज धमाकों से दहला इलाका, लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर
- दमकल की छह गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
लखनऊ। सआदतगंज क्षेत्र की एलडीए कॉलोनी भवानी गंज स्थित झोपड़ियों में गुरुवार दोपहर को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि चंद मिनटों में तीन प्लॉट में बनी करीब 18 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। आग लगने के दौरान झोपड़ियों में रखे घरेलू गैस सिलेंडर फटने लगे, जिससे धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में दो मकान भी आंशिक रूप से चपेट में आ गए।
धमाकों से कांप उठीं दीवारें, लोग घरों से बाहर भागे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगते ही झोपड़ियों में सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। बताया गया कि इन झोपड़ियों में छत्तीसगढ़ और बिलासपुर से आए दिहाड़ी मजदूर अपने परिवारों के साथ रहते थे।
गनीमत रही कि आग लगने के समय अधिकांश झोपड़ियां खाली थीं, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
कूड़े की चिंगारी से फैली आग, तेज हवा ने बढ़ाई मुश्किल
स्थानीय निवासी करन सिंह ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे किसी ने कूड़े में आग लगाई थी, जिसकी चिंगारी रानी के प्लॉट में बनी झोपड़ियों तक पहुंची और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। तेज हवा और सिलेंडरों के धमाकों ने आग को और फैलाने में योगदान दिया।
सिलेंडरों के धमाके से गूंजा इलाका, बिजली सप्लाई ठप
आग के कारण बिजली के तारों में स्पार्किंग शुरू हो गई और तुरंत बिजली सप्लाई काटनी पड़ी। क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों को संकरी गलियों से गुजरने में परेशानी हुई, जिससे आग बुझाने में समय लगा।
परिवारों की गृहस्थी जलकर राख
ई-रिक्शा चालक सलमान ने बताया कि आग लगने के समय वह बाहर थे और पत्नी बच्चे मायके गए हुए थे। लौटने पर उन्होंने देखा कि उनकी झोपड़ी में रखा सारा सामान जल चुका है। वहीं, छत्तीसगढ़ के शंकर का परिवार इन दिनों गांव में है, लेकिन उनकी झोपड़ी भी जलकर खाक हो गई।
झोपड़ी वालों से वसूले जाते हैं पैसे
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राजेश, चंदिका और रानी झोपड़ियों में रहने वालों से हर माह किराया वसूलते हैं। बताया गया कि राजेश खुद पान मसाले की दुकान चलाते हैं, जबकि चंदिका चाय की दुकान और रानी पास के मकान में रहती हैं।
तीन फायर स्टेशनों की मदद से बुझी आग
एफएसओ चौक पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, आग लगने की स्पष्ट वजह का पता नहीं चल सका है। हालांकि, मौके पर आलमबाग, हजरतगंज और अमीनाबाद फायर स्टेशन से दमकल की छह गाड़ियां पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने भी छतों और नालियों से पानी डालकर आग बुझाने में सहयोग किया।








