फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक बनेगा 115 किमी तटबंध

बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए एलडीए-सिंचाई विभाग तैयार करेंगे डीपीआर, तटबंध के ऊपर चार या छह लेन सड़क का भी प्रस्ताव

लखनऊ। राजधानी के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक करीब 115 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की तैयारी है। परियोजना पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और सिंचाई विभाग को दी है। दोनों विभाग मिलकर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेंगे।

परियोजना को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) योजना में शामिल कर तेजी से आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। तटबंध का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कराने की योजना है। पूरे प्रोजेक्ट को एक ही नोडल एजेंसी एलडीए के माध्यम से कराने के विकल्प पर भी विचार हो रहा है।

ग्रीन कॉरिडोर से पक्का पुल तक एलडीए बनाएगा तटबंध

प्रस्तावित तटबंध में ग्रीन कॉरिडोर से पक्का पुल तक के हिस्से का निर्माण एलडीए को सौंपा गया है। इस हिस्से पर करीब 182 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

वहीं आईआईएम रोड स्थित ग्रीन कॉरिडोर से नैमिषारण्य तक के दूसरे हिस्से की जिम्मेदारी फिलहाल सिंचाई विभाग को दी गई है। एलडीए ने परियोजना के लिए इंजीनियरों की विशेष टीम गठित कर एकीकृत डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शासन से सिंगल-विंडो व्यवस्था को मंजूरी और बजट की पहली किस्त मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। सिंचाई विभाग भी गोमती नदी के प्रस्तावित रूट का सर्वे करेगा।

सैकड़ों परिवारों को बाढ़ से राहत की उम्मीद

तटबंध बनने के बाद फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों को गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के पानी से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। इससे जलभराव की समस्या कम हो सकती है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के विस्थापन का खतरा भी कम होने की संभावना है।

बाढ़ के दौरान जान-माल के नुकसान का जोखिम घटाने के साथ ही तटबंध के ऊपर चार या छह लेन की सड़क बनाने का भी प्रस्ताव है। इस सड़क को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है।

आईआईएम रोड से नैमिषनगर तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद

प्रस्तावित सड़क के बनने से आईआईएम रोड, फैजुल्लागंज, पक्का पुल और नैमिषनगर के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। इस तरह तटबंध परियोजना को केवल बाढ़ सुरक्षा के बजाय सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है।

परियोजना पूरी होने के बाद उत्तरी और पश्चिमी लखनऊ के कई इलाकों को वैकल्पिक मार्ग मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button