
- FDA ने लखनऊ में नकली और नारकोटिक दवाओं पर बड़ी कार्रवाई की
- 7 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त, 2 पर नारकोटिक दवाओं का आंशिक प्रतिबंध
- जांच जाइडस हेल्केयर लिमिटेड की शिकायत और कानपुर रैकेट के आधार पर हुई
लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने शहर में नकली दवाओं और नारकोटिक दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 7 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए और 2 फर्मों पर नारकोटिक दवाओं के क्रय-विक्रय एवं भंडारण पर आंशिक रोक लगाई गई।
नारकोटिक दवाओं पर कार्रवाई
जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश पर मेसर्स जेडेक्स इन्फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स महावीर मेडिकल्स पर नारकोटिक दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय और भंडारण का आरोप पाया गया।
दोनों फर्मों के नारकोटिक दवाओं के लाइसेंस 25 सितंबर से निरस्त कर दिए गए।
नकली दवा फर्मों पर कार्रवाई
जाइडस हेल्केयर लिमिटेड की शिकायत और जांच के बाद 5 फर्मों को दोषी पाया गया।
फर्मों के नाम:
मेसर्स अमित मेडिकल एजेंसी
मेसर्स व्यंश फार्मा
मेसर्स शिव शक्ति फार्मा
मेसर्स महाराजा एंटरप्राइजेज
मेसर्स ए ए फार्मा
इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर थ्रोम्बोफोब ऑइंटमेंट 20 एमजी और ऑक्साल्जिन-डीपी जैसी नकली दवाओं का अवैध क्रय-विक्रय किया।
सभी फर्मों के लाइसेंस पूरी तरह निरस्त कर दिए गए।
FDA की प्रतिक्रिया
सहायक आयुक्त (औषधि) लखनऊ मंडल ब्रजेश यादव ने कहा कि यह कार्रवाई जनहित में की गई है। आगे भी नकली दवा या नारकोटिक दवाओं के अवैध कारोबार में लिप्त फर्मों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।








