
जीरो पावर्टी अभियान’ के तहत 20,700 परिवारों की पहचान, हर घर तक पहुंचेगा सरकारी सहयोग
अंबेडकरनगर में अब भूख, बेरोजगारी और बेबसी के खिलाफ निर्णायक युद्ध
सरकार का बड़ा लक्ष्य: हर नागरिक को मिलेगा शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान
अंबेडकरनगर। राज्य सरकार ने अंबेडकरनगर जनपद को ‘गरीबी मुक्त’ घोषित करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। यह केवल प्रशासनिक योजना नहीं, बल्कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान, न्याय और आत्मनिर्भरता दिलाने की एक ऐतिहासिक कोशिश है। जनपद की पांचों तहसीलों में चल रहे “जीरो पावर्टी अभियान” के तहत अब तक 20,700 गरीब परिवारों की पहचान की जा चुकी है। यह आंकड़ा महज़ संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की ज़िंदगी की झलक है जिनके बच्चे भूखे पेट सोते हैं, बुजुर्ग इलाज के लिए मोहताज हैं और जिनके आशियाने आज भी छत को तरस रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि 2025 तक अंबेडकरनगर में कोई भी ऐसा व्यक्ति न रहे जिसकी सालाना आय एक लाख रुपये से कम हो। इसके लिए प्रशासन स्वरोजगार, कौशल विकास प्रशिक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के समुचित समन्वय की दिशा में ठोस कार्य योजना तैयार कर रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद शुक्ल ने बताया,
“यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान के उस सपने की पूर्ति है, जिसमें हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। हम हर जरूरतमंद तक खुद पहुंचेंगे और उसका भविष्य बदलेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि सभी चिन्हित परिवारों को लाभ देने के लिए जनपद में प्रत्येक विभाग को विशेष कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी ताकि कोई भी जरूरतमंद योजना से वंचित न रहे।
गरीबों को अब सिर्फ खाना नहीं, पूरा जीवन सुधारने का अवसर मिलेगा।
बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा, वर्दी, किताबें, बैग और डिजिटल शिक्षा दी जाएगी। घरों में बिजली, नल का जल, शौचालय और इंटरनेट की सुविधा पहुंचेगी। बुजुर्गों के लिए चिकित्सा शिविर और हेल्पलाइन सेवाएं चलाई जाएंगी।








