शिमला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर हिमाचल प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में मामले की जांच कर FIR दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से अमित शाह के लिए ‘बौना’, ‘भगोड़ा’ और ‘तड़ीपार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने शिकायत के साथ संबंधित बयान का वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराने की बात कही है।
बयान के पूरे संदर्भ की जांच की मांग
राकेश जम्वाल की शिकायत में कहा गया है कि सरदार वल्लभभाई पटेल के संदर्भ में अमित शाह द्वारा दिए गए कथन को पवन खेड़ा ने जिस तरह प्रस्तुत करते हुए टिप्पणी की, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
भाजपा विधायक ने पुलिस से मूल वीडियो, उसके पूरे संदर्भ और सोशल मीडिया पर हुए प्रसारण की जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
BNS की धाराओं में कार्रवाई की मांग
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि से जुड़े प्रावधानों की जांच करने की मांग की गई है। इसके अलावा धारा 352 के तहत जानबूझकर अपमान कर शांति भंग के लिए उकसाने के आशय से किए गए कृत्य की भी जांच की मांग की गई है।
भाजपा ने कहा है कि वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इन धाराओं की प्रयोज्यता की जांच करे। जांच में अन्य धाराएं लागू पाए जाने पर उनके तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है।
‘राजनीतिक विरोध की आड़ में अपमानजनक भाषा उचित नहीं’
भाजपा ने शिकायत में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और नेताओं को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है। हालांकि, राजनीतिक असहमति के नाम पर किसी व्यक्ति के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का प्रसार जांच का विषय हो सकता है।
राकेश जम्वाल ने पुलिस से वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विधिसम्मत तरीके से सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है।









