
- दहेज में बाइक मांगने का था आरोप
- 2008 में हुई थी विवाहिता की हत्या
- अदालत ने लगाया 50-50 हजार का जुर्माना
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर जिले के सम्मनपुर थाना क्षेत्र में 17 साल पुराने दहेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने मृतका भूइला उर्फ सुशीला के पति अनिल राजभर और सास गेना देवी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामले के अनुसार, रामराजभर ने अपनी बेटी भूइला उर्फ सुशीला (21) का विवाह लगभग 10 वर्ष पहले अनिल राजभर से किया था। गौना की रस्म करीब एक वर्ष पहले संपन्न हुई थी। आरोप है कि गौना के दौरान ही दामाद अनिल, उसके जेठ नंदलाल और गोवर्धन ने बाइक की मांग की थी। बाइक नहीं मिलने पर विदाई रोक दी गई थी। बाद में परिवार के समझाने पर सुशीला को ससुराल भेजा गया।
ससुराल में प्रताड़ना का आरोप
पिता रामराजभर के अनुसार विवाह के बाद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में बाइक की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ना की जाती थी। इसमें सास गेना देवी और जेठानी शीला पर भी आरोप लगाए गए थे। सुशीला समय-समय पर फोन के जरिए अपने परिवार को परेशानियों की जानकारी देती थी।









