
- राजस्व वसूली में पिछड़े विभागों पर नकेल कसी
- न्यायालयों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश
- जन सुनवाई प्रकरणों में पारदर्शिता अनिवार्य
अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति, राजस्व वसूली और न्यायिक प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की।
राजस्व लक्ष्य पूर्ति पर सख्त निर्देश
बैठक में कर-करेत्तर, भू-राजस्व, वाणिज्य कर, बैंक ऋण, आबकारी, खनन और अन्य विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिन विभागों का प्रदर्शन लक्ष्य से पीछे था, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा, “राजस्व लक्ष्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि वसूली के आंकड़ों को केवल संख्या न समझकर जनसेवा का आधार माना जाए। “राजस्व विभाग शासन और जनता के बीच सेतु का काम करता है, इसकी मजबूती राष्ट्र निर्माण में अहम है,” उन्होंने जोर दिया।
न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के आदेश
डॉ. गुप्ता ने न्यायाधीशों को निर्देश दिया कि लंबित मुकदमों का शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें। “न्याय में देरी आमजन के विश्वास को कमजोर करती है। न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखते हुए प्रत्येक मामले को संवेदनशीलता से निपटाया जाए,” उन्होंने कहा।
जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर
जनसुनवाई (आईजीआरएस) प्रकरणों को गंभीरता से लेने का निर्देश देते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ न्याय मिलना चाहिए। “प्रशासन तभी सफल होगा जब आम नागरिक उसे अपना सहयोगी और मित्र समझे,” उन्होंने कहा। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रंजीत सिंह, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








