
नई दिल्ली में इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत की गई। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने इफको सदन से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।
यह अभियान 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3477 तहसीलों में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना है।
नैनो उर्वरकों को मिला FCO में स्थान
दिलीप संघाणी ने बताया कि नैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में शामिल किया गया है। इसे कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान बहु-माध्यमों पर आधारित है, जिसमें प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, आउटडोर और डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
किसानों तक तकनीक पहुंचाने पर जोर
अभियान के तहत नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को फोलियर स्प्रे तकनीक के माध्यम से सही उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साथ ही पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और सहकारी नेटवर्क के जरिए अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कृषि नवाचार और वैश्विक विस्तार
इफको ने कोयंबटूर स्थित नैनोवेंशन्स इनोवेशन हब और ब्राजील में प्रस्तावित नैनो उर्वरक संयंत्र का उल्लेख किया। यह भारत की कृषि तकनीक में बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।









