
- किसानों की आय बढ़ाने को लेकर योजनाएं दे रही हैं ज़मीनी परिणाम
- जिले में 585 किसानों को मिल चुके हैं अनुदानित सोलर पंप
- सोलर पंप से सिंचाई में बिजली-डीजल की बचत, पर्यावरण संरक्षण भी
अंबेंडकरनगर। किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर शासन द्वारा संचालित योजनाएं अब जमीन पर परिणाम देने लगी हैं। जिले में सोलर पंप और कृषि यंत्रीकरण योजनाओं से न सिर्फ सिंचाई व्यवस्था सुलभ हुई है, बल्कि ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। किसान अब नकदी फसलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) के अंतर्गत अब तक जनपद के 585 किसानों को अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराया जा चुका है। लाभार्थी किसान अब बिना डीजल और बिजली की लागत के खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए 227 और किसानों का चयन हो चुका है जिन्हें जल्द ही सोलर पंप वितरित किए जाएंगे।
कम लागत, अधिक लाभ: सोलर पंप के फायदे
सोलर पंप से सिंचाई करने पर जहां डीजल और बिजली की बचत होती है, वहीं स्थापना और स्थानांतरण भी आसान होता है। इसके माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल खेती संभव हो रही है। किसानो ने बताया कि सोलर पंप से उन्हें काफी सुविधा मिली है और समय पर सिंचाई होने से उत्पादकता भी बढ़ी है।जिले में स्थापित कृषि यंत्र फार्म किसानों के लिए अत्यंत सहायक साबित हो रहे हैं। इनकी कुल लागत लगभग 15 लाख रुपये है, जिस पर सरकार 80 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। इससे कम लागत पर खेती, मड़ाई और अन्य कार्य संभव हो सके हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।








