
सहारनपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक इमरान मसूद ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की भारत में किसी भी रूप में स्वीकार्यता को खारिज करते हुये कहा कि देश के विभाजन के लिये दोषी जिन्ना ना तो देशभक्त हो सकते हैं, ना ही भारतीय मुसलमानों के लिये सम्मान त हो सकते हैं।
मसूद ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में भगवान राम को करोड़ों भारतीयों के लिये आस्था का प्रतीक बताते हुये कहा कि भारतवासियों के लिये सभी धर्मों की आस्था का सम्मान किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद सुर्खियों में रहे इमरान मसूद को उस मामले में कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा था। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिन्ना पर टिप्पणियों के कारण उत्पन्न सियासी हलचल पर मसूद ने कहा कि “जिन्ना देशभक्त नहीं थे। उन्होंने ही भारत का बंटवारा कराया था और भारत के मुसलमानों के दिलों में जिन्ना को लेकर कोई सम्मान नहीं है।”
उत्तर प्रदेश चुनाव में भगवान राम के नाम का भी इस्तेमाल किये जाने की कोशिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि “भारत आस्थाओं और विश्वास का देश है। भारत में भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। सभी देशवासियों को प्रत्येक धर्म के लोगों की आस्था का आदर करना चाहिए।”
हालांकि कांग्रेस नेता मसूद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिदृश्य के बारे में भी कहा कि इस समय प्रदेश की जनता अखिलेश यादव के साथ है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी को भी राष्ट्रीय स्तर की नेता बताते हुये उनके नेतृत्व में पार्टी का जनाधार मजबूत होने की बात कही।








