नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू वाले एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला होने की खबर है। निकारागुआ के झंडे वाले जहाज एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से नौ को बचा लिया गया, जबकि दो अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के पास जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारतीय अधिकारी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर लापता नाविकों की तलाश कर रहे हैं। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर रखे हुए है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
तीन दिनों में भारतीय क्रू वाले तीन जहाज निशाने पर
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमले हुए हैं। रविवार को ही मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर एमटी वाल्थेरा पर होर्मुज स्ट्रेट में ड्रोन या मिसाइल से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। इस टैंकर पर भी 11 भारतीय नाविक सवार थे।
इससे पहले 9 अक्टूबर को एमटी जेम नंबर-2 पर हमले की खबर सामने आई थी। लगातार हो रही घटनाओं ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और उन पर काम कर रहे नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
लापता नाविकों की तलाश में जुटे भारतीय अधिकारी
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार जहाजों के प्रबंधन से जुड़ी कंपनियों के संपर्क में है और नाविकों की सुरक्षा पर नजर रख रही है। पेट्रो डॉल्फिन के लापता दो नाविकों की तलाश के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
भारतीय दूतावास भी संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है। फिलहाल हमले के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भारत ने समुद्री हमले रोकने की अपील की
भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से तनाव कम करने और जहाजों, नाविकों तथा नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना बंद करने की अपील की है।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। भारत ने संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने पर जोर दिया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से व्यापार को सुरक्षित और बिना रुकावट जारी रखने की आवश्यकता बताई।
दुनिया भर में काम करते हैं 3.20 लाख से अधिक भारतीय नाविक
भारत व्यापारिक जहाजों के लिए नाविक उपलब्ध कराने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। जहाजरानी मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत में 3.20 लाख से अधिक सक्रिय नाविक थे। ऐसे में पश्चिम एशिया के आसपास समुद्री मार्गों पर बढ़ता तनाव भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण चिंता बन गया है।
पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर हुए हमले की भी निंदा की थी। भारत लगातार समुद्री हमले रोकने, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील कर रहा है।









