
गुरुग्राम। इंडिगो एयरलाइंस के एक ट्रेनी पायलट ने गुरुग्राम के DLF फेज-1 थाने में एयरलाइंस के तीन वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई है। पायलट ने आरोप लगाया है कि एक मीटिंग के दौरान उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और कहा गया कि वह “प्लेन उड़ाने लायक नहीं, जाकर चप्पलें सिले”। एयरलाइंस ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए जांच में सहयोग की बात कही है।
क्या है मामला
बेंगलुरु निवासी ट्रेनी पायलट शरण ए (35) ने आरोप लगाया है कि वह आदि द्रविड़ समाज से आते हैं और इंडिगो में काम के दौरान लगातार जातीय टिप्पणियों का शिकार हुए। 28 अप्रैल 2025 को गुरुग्राम के सेक्टर-24 स्थित एमार कैपिटल टावर में एक मीटिंग के दौरान कप्तान राहुल पाटिल, तपस डे और मनीष साहनी ने उनके साथ जातिगत अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
बैग और मोबाइल बाहर रखने को मजबूर किया गया
पीड़ित का आरोप है कि मीटिंग से पहले तपस डे ने जानबूझकर तिरस्कारपूर्ण अंदाज़ में उनका बैग और मोबाइल बाहर रखने को कहा। इसके बाद मीटिंग के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया और कहा गया कि “तू मेरे जूते चाटने लायक भी नहीं है।”
पहले कंपनी, फिर पुलिस से की शिकायत
शरण ए ने इस पूरे मामले की शिकायत इंडिगो के CEO और एथिक्स कमेटी को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वे मानसिक रूप से डिप्रेशन में चले गए हैं और मजबूरी में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कर्नाटक पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर भेजा मामला गुरुग्राम
घटना की शिकायत पहले बेंगलुरु पुलिस को दी गई थी। वहां से जीरो FIR दर्ज कर केस को गुरुग्राम ट्रांसफर किया गया। गुरुग्राम पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
इंडिगो ने आरोपों को बताया झूठा
इंडिगो एयरलाइंस ने अपने बयान में सभी आरोपों का खंडन किया है। एयरलाइंस ने कहा, “हम भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हैं। यह आरोप निराधार हैं, हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे।”







