अंबेडकरनगर। जलालपुर विधानसभा सीट पर बसपा ने अपना चुनावी पत्ता खोल दिया है। पार्टी ने अयोध्या मंडल प्रभारी दयाराम राजभर को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके साथ ही बसपा ने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने का संकेत दिया है। अब असली परीक्षा प्रत्याशी की घोषणा से आगे शुरू होगी।
जलालपुर में बसपा के लिए सबसे बड़ा सवाल संगठन की सक्रियता को चुनावी समर्थन में बदलने का है। दयाराम राजभर लंबे समय से पार्टी की राजनीति से जुड़े हैं। करीब 26 वर्ष के राजनीतिक अनुभव के साथ वह मंडल स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। एक बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने का अनुभव उनके राजनीतिक सफर का हिस्सा है।
अनुभव मजबूत, लेकिन विधानसभा का मैदान अलग
दयाराम राजभर का राजनीतिक अनुभव उन्हें संगठन और चुनावी प्रक्रिया की समझ देता है। पत्नी तारावती राजभर के दो बार ग्राम प्रधान निर्वाचित होने से परिवार का पंचायत स्तर पर भी राजनीतिक जुड़ाव रहा है।
लेकिन विधानसभा चुनाव का दायरा पंचायत चुनाव से कहीं बड़ा होता है। यहां केवल संगठन में सक्रियता पर्याप्त नहीं होती। प्रत्याशी को विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में लगातार संपर्क बनाना होता है। यही वह मोर्चा है, जहां आने वाले महीनों में दयाराम राजभर की राजनीतिक सक्रियता पर नजर रहेगी।
यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/evm-vvpat-janch-ambedkarnagar/
बसपा के परंपरागत आधार की होगी पहली परीक्षा
अंबेडकरनगर को लंबे समय तक बसपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता रहा है। मौजूदा राजनीतिक स्थिति में पार्टी के सामने अपने पुराने आधार को फिर से सक्रिय करने की चुनौती है। जलालपुर में प्रत्याशी का चयन इसी रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।









