- IPMS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
- बिना पंजीकरण लाइसेंस होगा रद्द
- बिक्री की होगी ऑनलाइन निगरानी
अम्बेडकरनगर। जिले के सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए अब इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराने वाले विक्रेताओं के विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिए जाएंगे।
कृषि विभाग ने यह कदम कीटनाशक कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और बिक्री व्यवस्था को नियमों के दायरे में लाने के उद्देश्य से उठाया है।
कीटनाशक बिक्री और वितरण की होगी ऑनलाइन निगरानी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से IPMS पोर्टल लागू किया गया है। इस पोर्टल का उद्देश्य कीटनाशकों की बिक्री, वितरण और उपयोग की निगरानी करना है।
पोर्टल के माध्यम से कीटनाशक कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकेगा। इससे नकली या प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
अधिकांश विक्रेताओं ने कराया पंजीकरण
कृषि विभाग के अनुसार जिले के अधिकांश कीटनाशक विक्रेता IPMS पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं। विभाग ने इसे नियमों के पालन की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है।
हालांकि, कुछ विक्रेता लगातार निर्देशों के बाद भी अब तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा सके हैं। ऐसे विक्रेताओं को अब कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा।
पंजीकरण नहीं कराया तो रद्द होगा लाइसेंस
जिला कृषि रक्षा विभाग ने साफ किया है कि जो विक्रेता निर्धारित समय तक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके विक्रय प्राधिकार-पत्र निरस्त कर दिए जाएंगे।









