नैरोबी। केन्या में धर्म के नाम पर लोगों को भूखा रखकर मौत के मुंह में धकेलने के मामले में धर्मगुरु पॉल मैकेंजी और उसके करीब 30 साथियों को दोषी ठहराया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, मैकेंजी ने अपने अनुयायियों से कहा था कि दुनिया खत्म होने से पहले भूखे रहने पर वे स्वर्ग पहुंच जाएंगे। इस मामले में 190 बच्चों और एक वयस्क समेत कुल 191 मौतों से जुड़े मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। दोषियों को 6 नवंबर को सजा सुनाई जाएगी।
शाकाहोला जंगल में मिलीं सामूहिक कब्रें
यह मामला केन्या के शाकाहोला जंगल से जुड़ा है, जहां पॉल मैकेंजी रहता था। पुलिस को जंगल में सामूहिक कब्रों की जानकारी मिलने के बाद शवों को निकालने का काम शुरू किया गया। अब तक यहां 400 से ज्यादा शव मिलने की बात सामने आई है।
सोमवार को अदालत ने 191 मौतों से जुड़े मामले में फैसला सुनाया। बाकी मौतों के मामलों की जांच अभी जारी है।
गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के जरिए चला रहा था समूह
सरकारी वकीलों के मुताबिक, मैकेंजी गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के जरिए ईसाई धर्म के नाम पर एक ऐसा समूह चला रहा था, जो दुनिया के जल्द खत्म होने की बात करता था। आरोप है कि उसने अपने अनुयायियों को भूखा रहने के लिए प्रेरित किया और इसके लिए चरणबद्ध योजना बनाई।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित योजना के तहत सबसे पहले बच्चों को भूखा रखा जाना था। इसके बाद महिलाओं और जवान लड़कों तथा अंत में बाकी पुरुषों को भूखा रखने की योजना थी।
हत्या के आरोपों से इनकार करता रहा मैकेंजी
मामले की सुनवाई के दौरान पॉल मैकेंजी ने हत्या के आरोपों से इनकार किया। उसका कहना था कि उसने किसी को भूखा रहने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि, अदालत ने उसकी दलील स्वीकार नहीं की और उसे तथा उसके करीब 30 साथियों को दोषी ठहराया।
अब अदालत 6 नवंबर को दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी। इस मामले ने धार्मिक विश्वास के नाम पर लोगों को प्रभावित करने और उनके जीवन को खतरे में डालने के गंभीर सवाल खड़े किए हैं।









