
गाजीपुर। भारत डायलॉग के तत्वावधान में आयोजित गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। यह कार्यक्रम नंद रेजिडेंसी और लंका मैदान परिसर में आयोजित हुआ। उद्घाटन के दौरान उन्होंने साहित्यकार संजीव कुमार गुप्ता की पुस्तक ‘भोजपुरी कहावतें की दुनिया’ का लोकार्पण भी किया।
उपराज्यपाल का संदेश
मनोज सिन्हा ने कहा कि भोजपुरी हमारी लोकआत्मा की भाषा है, जिसकी कहावतें जीवन के गहरे अर्थों को सहजता से व्यक्त करती हैं। उन्होंने बताया कि आज देश अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत युवाओं का देश है। ऐसे कार्यक्रम साहित्य और काव्य के क्षेत्र में युवाओं को उत्साहित करने वाले हैं।
लेखक संजीव कुमार गुप्ता की बात
लेखक ने अपनी कृति के बारे में बताया कि यह 12 वर्षों की सतत साधना का परिणाम है। पुस्तक दो खंडों में प्रकाशित हुई है:
- पहला खंड: 1000 से अधिक कहावतें, मुहावरे और पहेलियों का शब्दार्थ व भावार्थ।
- दूसरा खंड: चुनी हुई 111 कहावतों पर समसामयिक लेख, जो गांव से अमेरिका की सिलिकॉन वैली तक के जीवन दृष्टिकोण को जोड़ते हैं।
संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि यह प्रयास भोजपुरी भाषा की समृद्ध परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है।
लेखक की पृष्ठभूमि
यह संजीव कुमार गुप्ता की पांचवीं पुस्तक है। इससे पहले उनकी चार कृतियाँ — ‘वह जिसकी तुलना’, ‘मेरे शहर में’, ‘आव गवांल जाय’ और ‘स्वर्गीय अवध बिहारी जी’ — पाठकों और समीक्षकों द्वारा सराही जा चुकी हैं। वे पिछले 25 वर्षों से सेवा समर्पण संस्थान और बनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
लेखक ने कहा कि यह पुस्तक भोजपुरी समाज और संस्कृति के जीवंत लोकबोध को समर्पित है, जो समय के साथ और भी प्रासंगिक होता जा रहा है।








