
शिमला। हिमाचल प्रदेश की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने सोलन स्थित मानव भारती यूनिवर्सिटी के दो प्रमोटरों मनदीप राणा और उनकी मां अशोनी कंवर को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित किया है। यह घोषणा FEOA, 2018 के तहत की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिसंबर 2022 में यूनिवर्सिटी के प्रमोटर राज कुमार राणा सहित 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जनवरी 2023 में विशेष पीएमएलए अदालत ने मामले पर संज्ञान लिया और अशोनी कंवर व मनदीप राणा को समन जारी किए। मगर दोनों ने जांच में सहयोग नहीं किया और भारत छोड़कर ऑस्ट्रेलिया भाग गए।
आरोप और गहन जांच
यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि बिना पढ़ाई और परीक्षा के फर्जी डिग्रियां जारी कर 100 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया गया। देश के अलग-अलग राज्यों में फैले एजेंटों के नेटवर्क के जरिए छात्रों से मोटी रकम वसूल कर बीए, बीएससी, एमए, एमबीए, बीएड और अन्य पाठ्यक्रमों की डिग्रियां बेची गईं।
अदालत का फैसला और प्रभाव
कोर्ट ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। अब अभियुक्तों की संपत्तियों को जब्त करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले शराब कारोबारी विजय माल्या और ब्रिटेन स्थित हथियार सलाहकार संजय भंडारी को भी भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है।
यूनिवर्सिटी का इतिहास
सोलन जिले में 2009 में स्थापित मानव भारती यूनिवर्सिटी ने बड़ी संख्या में छात्रों को बिना नियमित पढ़ाई, कक्षाओं और परीक्षाओं के डिग्रियां जारी की थीं।








