नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफा घट गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 26.4 प्रतिशत गिरकर ₹2,466 करोड़ रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹3,349 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई। मारुति सुजुकी का रेवेन्यू 26 प्रतिशत बढ़कर ₹53,355 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹42,344 करोड़ था। यानी कंपनी की कमाई बढ़ने के बावजूद उसका मुनाफा घटा है।
कमोडिटी लागत बढ़ने से मार्जिन पर असर
कंपनी के मुनाफे में गिरावट की प्रमुख वजह कच्चे माल और कमोडिटी की लागत में बढ़ोतरी बताई गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तेल-गैस समेत विभिन्न कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से उत्पादन लागत पर दबाव पड़ा। इसका असर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी दिखाई दिया।
ऑटोमोबाइल उद्योग में स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और ऊर्जा जैसे इनपुट की कीमतें उत्पादन लागत को प्रभावित करती हैं। लागत बढ़ने पर बिक्री से होने वाली कमाई के मुकाबले खर्च अधिक बढ़ सकता है, जिससे मुनाफा घटने की स्थिति बनती है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17.1% घटा
दूसरी तिमाही में मारुति सुजुकी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA सालाना आधार पर 17.1 प्रतिशत घटकर ₹2,803 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,382 करोड़ था।
कंपनी ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट के लिए कमोडिटी लागत को जिम्मेदार बताया। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 10.8 प्रतिशत बढ़ा। इससे पता चलता है कि तिमाही आधार पर कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में सुधार हुआ, लेकिन सालाना तुलना में लागत का दबाव बना रहा।









