
- माइक वॉल्ट्ज को बनाया गया UN में अमेरिका का नया राजदूत
- विदेश मंत्री मार्को रुबियो को मिली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी
- सीक्रेट मिलिट्री प्लान लीक विवाद में फंसे थे वॉल्ट्ज
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वॉल्ट्ज की जगह अब यह जिम्मेदारी विदेश मंत्री मार्को रुबियो निभाएंगे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव काफी समय से अपेक्षित था और इस हफ्ते वॉल्ट्ज को उनके पद से हटाने के संकेत भी दे दिए गए थे।
हाल ही में माइक वॉल्ट्ज उस वक्त विवादों में आ गए थे जब उन्होंने एक संवेदनशील सैन्य योजना से जुड़ी चैट ग्रुप में गलती से एक पत्रकार को शामिल कर लिया। यह घटना यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले से संबंधित थी, जिससे अमेरिकी सुरक्षा नीति पर सवाल उठे।
वॉल्ट्ज की पहचान भारत समर्थक नेता के रूप में होती है। वे ‘इंडिया कॉकस’ के को-चेयर भी हैं, जो अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2023 के अमेरिकी कांग्रेस संबोधन में अहम भूमिका निभाई थी।
पूर्व सांसद और ‘ग्रीन बेरे कमांडो’ रह चुके वॉल्ट्ज चीन और ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। अब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी नीतियों की अगुवाई करते हुए उनकी भूमिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।
वहीं, मार्को रुबियो के कंधों पर अब राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की बड़ी जिम्मेदारी है। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में NSA के चार बार बदलाव हो चुके हैं और यह नियुक्ति आने वाले चुनावी वर्ष में ट्रम्प की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।








