
- मुसलमानों ने दिखाया सेना के प्रति एकजुटता का संदेश
- पहल्गाम में शहीदों को इंसाफ, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब
- समाज में सकारात्मकता और देशभक्ति का संदेश
लखनऊ। भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालातों के बीच लखनऊ में जुमे की नमाज के दौरान देशभक्ति की अनोखी तस्वीर सामने आई। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की अपील पर राजधानी की मस्जिदों में सैकड़ों की संख्या में नमाजियों ने सेना के जवानों की कामयाबी और उनकी हिफाजत के लिए विशेष दुआ मांगी।
इस मौके पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों की कुर्बानियों को सलाम करते हुए, हर मुसलमान का फर्ज बनता है कि वो उनके लिए दुआ करे। उन्होंने सभी मस्जिदों में इमामों से अपील की कि वे नमाज के दौरान मुल्क की सलामती और सीमा की रक्षा कर रहे सैनिकों के लिए दुआ करें।
“सेना के पीछे देश का हर मुसलमान खड़ा है”
मौलाना खालिद रशीद ने कहा, “जो जवान अपने जान की बाजी लगाकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उन कठिन परिस्थितियों में उन्हें हमारी दुआओं की जरूरत है। देश के मुसलमान पूरी तरह से सेना के साथ खड़े हैं और हमारी दुआओं से उन्हें हौसला मिलेगा।” उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देशवासियों को सेना के प्रति एकजुटता और समर्थन का संदेश देना चाहिए।
“शहीदों को मिला इंसाफ, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब”
पहल्गाम की घटना का जिक्र करते हुए मौलाना ने कहा कि बेगुनाहों के लहू का बदला लेकर भारतीय सेना ने शहीदों को इंसाफ दिलाया है।








