
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर जिले में आयुष और होम्योपैथिक चिकित्सकों के निजी क्लीनिकों पर अब कड़ी निगरानी शुरू होने जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय ने जिलेभर में संचालित 118 क्लीनिकों को नए नियमों के तहत लाइसेंस लेने के लिए निर्देशित किया है। अब जिला आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक अधिकारी द्वारा पहले जारी लाइसेंस लागू नहीं होंगे।
सीएमओ ने कहा है कि क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट के तहत अब कोई भी आयुष या होम्योपैथिक चिकित्सक निजी क्लीनिक केवल सीएमओ कार्यालय से जारी लाइसेंस मिलने के बाद ही चला सकेगा। इसके लिए सभी आवश्यक मानदंडों का पालन अनिवार्य होगा।
लाइसेंस के लिए अनिवार्य दस्तावेज और प्रमाणपत्र
नए नियमों के अनुसार क्लीनिक संचालक को लाइसेंस प्राप्त करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज सीएमओ कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा:
भवन का मानचित्र और संरचना प्रमाणपत्र
चिकित्सक की योग्यता प्रमाणपत्र
सहकर्मी चिकित्सकों की योग्यता प्रमाणपत्र
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र
अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र
सीएमओ कार्यालय ने निर्देश दिया है कि इन दस्तावेजों के बिना किसी भी क्लीनिक को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
केवल योग्यता अनुसार ही उपचार की अनुमति
आयुष और होम्योपैथिक चिकित्सक केवल उसी विधा में उपचार कर सकते हैं जिसमें उनकी योग्यता प्रमाणित है। एलोपैथिक उपचार देने की स्थिति में न केवल लाइसेंस रद्द होगा, बल्कि संचालक पर कानूनी कार्रवाई और अर्थदंड भी लगाया जाएगा।
सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि बीयूएमएस डिग्रीधारक चिकित्सक एलोपैथिक दवाइयां नहीं लिख सकते। किसी भी क्लीनिक का पंजीकरण अब अनिवार्य रूप से उनके कार्यालय से ही होगा।









