- बाजार खुलते ही शेयर 2.5% चढ़ा, फिर 5% टूटा
- जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा ₹220 करोड़
- रेवेन्यू बढ़कर ₹2,448 करोड़ पहुंचा
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को पेटीएम के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से अधिक की तेजी आई, लेकिन कुछ ही देर बाद यह अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 5% तक फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बोनस शेयर पर फैसला टलने की खबर से निवेशकों में बिकवाली बढ़ी।
कंपनी ने पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। जून तिमाही में पेटीएम का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹1,918 करोड़ था।
कंपनी के अनुसार, पेमेंट बिजनेस, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार बढ़ोतरी से मुनाफे में इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष की जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹123 करोड़ था, जबकि मार्च तिमाही में यह ₹183 करोड़ रहा था।
पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सहायक कंपनी पेटीएम मनी में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक निवेश करने की मंजूरी दी है। यह राशि टेक्नोलॉजी अपग्रेड, नियामकीय पूंजी जरूरतों और निवेश एवं वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार के विस्तार पर खर्च की जाएगी।
इसके अलावा, कंपनी ने आईपीओ से बची ₹1,686 करोड़ की अनयूज्ड राशि के इस्तेमाल की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। अब इस राशि का उपयोग 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी।
पेटीएम के शेयर ने पिछले दो वर्षों में निवेशकों को करीब 197% का रिटर्न दिया है। हालांकि, यह अब भी अपने ₹2,150 के आईपीओ प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा है।









