
- पोस्टमॉर्टम में कार्डिएक अरेस्ट से मौत की पुष्टि
- पल्मोनरी एम्बोलिज्म बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक
- अंतिम यात्रा में परिवार और समर्थकों की उमड़ी भीड़
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पूरे राजकीय और पारिवारिक माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी रिश्तेदार मौजूद रहे।
प्रतीक की पत्नी Aparna Yadav के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। वहीं, अखिलेश यादव ने भाई की चिता पर लकड़ी रखकर अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पहुंचीं और उन्होंने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखकर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
इससे पहले प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक शामिल हुए। Aditya Yadav ने शव को कंधा दिया। प्रतीक को पशुओं से बेहद लगाव था। इसी वजह से शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ तस्वीर भी लगाई गई थी, जिसने लोगों को भावुक कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट की पुष्टि
38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर पर छह चोटों के निशान मिले, जिनमें तीन चोटें करीब सात दिन पुरानी और तीन चोटें एक दिन पुरानी बताई गईं। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है ताकि आगे की जांच की जा सके।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक यादव फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से पीड़ित थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों में फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और जान का खतरा बढ़ जाता है।
जानकारी के अनुसार, पिछले 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था। 30 अप्रैल को वह लखनऊ एयरपोर्ट पर अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें Medanta Hospital में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने तब भी हार्ट अटैक की पुष्टि की थी।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
Prateek Yadav के निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। विभिन्न दलों के नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।









