
- लखनऊ में सेतु निगम बनाएगा 46 नए ब्रिज और ओवरब्रिज
- योजना को शासन को भेजा गया, जल्द मिल सकती है मंजूरी
- आठ विधानसभा क्षेत्रों में होगा ब्रिज निर्माण, सबसे ज्यादा सरोजिनी नगर में
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लोगों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने शहर में 46 नए ब्रिज और ओवरब्रिज बनाने की योजना तैयार की है। यह प्रस्ताव अंतिम रूप देकर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
आठ विधानसभा क्षेत्रों में होगा निर्माण, सरोजिनी नगर पर खास फोकस
लखनऊ के आठों विधानसभा क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए ब्रिज बनाए जाएंगे। योजना का उद्देश्य शहर की मुख्य सड़कों और इलाकों को तेज और सुगम कनेक्टिविटी देना है। सबसे अधिक 10 ब्रिज सरोजिनी नगर क्षेत्र में प्रस्तावित हैं, जहां कानपुर रोड पर शाम के समय भारी ट्रैफिक की समस्या रहती है।
10 लाख लोगों को मिलेगा फायदा, ट्रैफिक में फंसे बिना मिलेगी राहत
इन पुलों के निर्माण से लखनऊ की करीब 10 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ऑफिस टाइम, स्कूल बसें, एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को घंटों ट्रैफिक में फंसने से राहत मिलेगी। साथ ही विधानसभा क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर हो जाएगी।
1000 करोड़ की लागत से बनेगी योजना, तकनीकी अध्ययन के आधार पर तय किए गए स्थल
सेतु निगम के इंजीनियरों ने ट्रैफिक एनालिसिस और तकनीकी अध्ययन के बाद सभी 46 ब्रिजों के संभावित स्थलों का चयन किया है। इस परियोजना पर अनुमानित 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम की ओर से योजना को शासन को भेज दिया गया है।
शहर को मिलेगा जाम-मुक्त भविष्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में मील का पत्थर
यह योजना न केवल लखनऊ को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगी, बल्कि शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई भी देगी। ट्रैफिक की समस्या अब समय, स्वास्थ्य और ऊर्जा की बर्बादी बन चुकी है। ऐसे में यह परियोजना आने वाले वर्षों में लखनऊ के विकास का एक अहम हिस्सा बन सकती है।








