
भगवान राम का जन्मोत्सव इस बार रहेगा खास
6 अप्रैल को मनाई जाएगी रामनवमी, शुभ योगों का रहेगा संगम
रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण बढ़ेगा पर्व का महत्व
नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2025: इस साल चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि बेहद खास रहने वाली है। भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव इस बार विशेष योगों के साथ मनाया जाएगा। 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें सुकर्मा योग, रवि योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है।
कब और कैसे मनाई जाएगी रामनवमी?
इस बार रामनवमी का पर्व 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का महत्व इसलिए अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह तिथि रविवार को पड़ रही है और रविपुष्य नक्षत्र भी इस दिन विद्यमान रहेगा।
अष्टमी तिथि: 5 अप्रैल को शाम 7:26 बजे तक रहेगी।
नवमी तिथि प्रारंभ: 5 अप्रैल को रात 7:26 बजे से।
नवमी तिथि समाप्त: 6 अप्रैल को शाम 7:22 बजे तक।
रामनवमी पूजा का शुभ मुहूर्त: 11:09 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक।
भगवान श्रीराम का जन्मकाल: मध्याह्न 12:24 बजे।
रामनवमी का महत्व और पूजा विधि
रामनवमी का पर्व भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से अयोध्या में भव्य आयोजन किए जाते हैं। श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। हवन, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
इस साल शुभ योगों के कारण रामनवमी की पूजा और भी फलदायी मानी जा रही है। रविपुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण इस दिन की गई पूजा और दान का विशेष फल मिलेगा। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे इस पावन अवसर पर रामचरितमानस का पाठ करें और भगवान श्रीराम का ध्यान करें।








