नई दिल्ली। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पित्रोदा ने कहा कि गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के पक्ष में आवाज उठाना नक्सलवाद या कम्युनिज्म नहीं है।
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में मंगलवार को सैम पित्रोदा ने कहा कि इंसानियत को हर चीज से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में सभी लोग एक ही जगह से आए हैं और लोगों के बीच भेदभाव की बजाय मानवता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
पित्रोदा बोले- गरीबों और दलितों की बात करना नक्सलवाद नहीं
सैम पित्रोदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करना नक्सलवाद या कम्युनिज्म नहीं है। उन्होंने मानवता और समानता को प्राथमिकता देने की बात कही।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने भाषण में कहा था कि देश से नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अभी भी मौजूद हैं। पित्रोदा ने इसी बयान के संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया दी।









