संजय निषाद का बयान – बिहार चुनाव में निषाद समाज बनेगा ‘हनुमान’

  • गाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिले मंत्री संजय निषाद
  • बोले – निषाद समाज को अब ‘पव्वा’ के साथ ‘पावर’ चाहिए
  • मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिलेगा मकान

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने गुरुवार को गाजीपुर के जमनियां क्षेत्र के रेवतीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

सभा को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज को अब पव्वा के साथ पावर भी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज निषाद समाज को सम्मान मिल रहा है। लोग अब उन्हें ‘केवटवा’ या ‘बिंदवा’ नहीं कहते, बल्कि ‘निषाद जी’ कहकर संबोधित करते हैं।

गंगा मां आशीर्वाद देने आई हैं

मंत्री ने कहा कि बाढ़ को गंगा मां का आशीर्वाद मानना चाहिए। “गंगा अपने पुत्रों के पास नहीं आएंगी तो कहां जाएंगी।” उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि सरकार हर व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“भगवान राम 500 साल टेंट में रहे, आपको भी मिलेगा आवास”

संजय निषाद ने कहा कि गंगा किनारे रहने वाले निषाद समाज के जिन परिवारों के पास मकान नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “भगवान राम 500 साल तक टेंट में रहे। भाजपा सरकार में उनका भव्य मंदिर बना। आप लोगों को भी पक्का घर मिलेगा।”

बिहार चुनाव को लेकर भी किया आह्वान

मंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बिहार में होने वाले आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “जैसे लंका विजय से पहले हनुमान जी गए थे, वैसे ही आप लोग भी 20 तारीख के बाद हनुमान बनकर बिहार में उतर जाइए और लोगों से कहिए कि संजय निषाद आ रहे हैं।”

योजनाओं में दलालों की जरूरत नहीं

निषाद ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब किसी दलाल या नेता के पास जाने की जरूरत नहीं है। सरकार सीधे जनता तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए कैंप लगाकर सहायता दे रही है और मछुआ समुदाय के कल्याण के लिए विशेष कोष की स्थापना की गई है।

29 हजार पैकेट बांटे, 10 हजार परिवारों को मिली राहत

संजय निषाद ने जानकारी दी कि गाजीपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 29 हजार लोगों को लंच पैकेट और 10 हजार परिवारों को राहत सामग्री बांटी जा चुकी है। जो लोग मझधार में फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है और छूटे हुए लोगों को जल्द ही सहायता दी जाएगी।

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