SBI को सितंबर तिमाही में ₹23,038 करोड़ का मुनाफा

सालाना आधार पर 14% की बढ़त- बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 15% बढ़कर ₹49,142 करोड़ पहुंची

मुंबई। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सितंबर तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक को इस तिमाही में ₹23,038 करोड़ का मुनाफा हुआ है। पिछले साल की समान अवधि में बैंक ने ₹20,160 करोड़ का मुनाफा कमाया था। इस तरह सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में करीब 14% की बढ़ोतरी हुई है।

बैंक के नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब कर्ज और जमा दोनों मोर्चों पर SBI ने बढ़त दर्ज की है। बैंक की कुल लोन बुक में विस्तार हुआ है और ग्राहकों की जमा राशि में भी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बैंक के फंसे हुए कर्ज यानी NPA के आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिला है।

नेट इंटरेस्ट इनकम 15% बढ़कर ₹49,142 करोड़ हुई

SBI की कमाई का बड़ा हिस्सा ग्राहकों को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज से आता है। बैंक को कर्ज पर जितना ब्याज मिलता है और जमा राशि पर जितना ब्याज देना पड़ता है, दोनों के बीच का अंतर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहलाता है।

सितंबर तिमाही में SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़कर ₹49,142 करोड़ पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह करीब ₹42,847 करोड़ थी। इस तरह बैंक की NII में सालाना आधार पर लगभग 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

नेट इंटरेस्ट इनकम में यह इजाफा बैंक के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच कमाई की स्थिति का पता चलता है।

नतीजों के बाद SBI का शेयर 1% चढ़ा

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर बाजार में SBI के शेयर में तेजी देखने को मिली। बैंक का शेयर करीब 1% चढ़कर ₹995 पर कारोबार करता दिखा।

हालांकि, अलग-अलग समयावधि में शेयर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। पिछले एक महीने में SBI के शेयर में करीब 4% की तेजी आई है, जबकि एक साल के दौरान इसमें लगभग 5% की बढ़त दर्ज की गई। इसके उलट बीते छह महीनों में शेयर करीब 7% गिरा है।

बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹9.15 लाख करोड़ बताया गया है। शेयर की कीमत और बाजार पूंजीकरण में कारोबार के दौरान बदलाव हो सकता है।

बैंक का कुल कर्ज बढ़कर ₹52 लाख करोड़ पहुंचा

SBI की लोन और डिपॉजिट रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक बैंक की कुल लोन बुक में सालाना आधार पर 7.84% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक के ग्रॉस एडवांसेज यानी कुल दिए गए कर्ज की राशि बढ़कर करीब ₹52 लाख करोड़ हो गई।

कर्ज में बढ़ोतरी से पता चलता है कि बैंक की ओर से ग्राहकों और विभिन्न क्षेत्रों को वित्तीय सहायता देने का दायरा बढ़ा है। बैंकिंग कारोबार में लोन की मांग और उसकी वसूली दोनों महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। ऐसे में कर्ज के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाती है।

ग्राहकों की जमा राशि 63 लाख करोड़ रुपये के पार

बैंक में ग्राहकों की ओर से जमा की गई कुल राशि में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। सितंबर 2026 तक SBI का कुल डिपॉजिट 12.27% बढ़कर करीब ₹63 लाख करोड़ पहुंच गया।

जमा राशि में बढ़ोतरी बैंक के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर बैंक आगे कर्ज देने और दूसरे वित्तीय कामों के लिए धन जुटाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेविंग्स और करेंट अकाउंट यानी CASA में जमा राशि में 8.13% की बढ़ोतरी हुई। यह बैंक की कुल जमा राशि का 38.3% हिस्सा है।

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