एपल का भारत में रिकॉर्ड रेवेन्यू, सितंबर तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई

ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में मंदी के बावजूद भारत में कंपनी की बिक्री बढ़ी; दुनिया भर में सितंबर तिमाही का रेवेन्यू 12% बढ़कर 114.5 अरब डॉलर पहुंचा

ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में मंदी और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद एपल ने भारत में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में भारतीय बाजार से अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया है। इसकी जानकारी एपल के CEO जॉन टर्नस ने कंपनी की अर्निंग्स कॉल के दौरान दी। हालांकि, उन्होंने भारत से हुई कुल कमाई का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया।

कंपनी के मुताबिक, भारत में इस प्रदर्शन के पीछे आईफोन की बिक्री और पुराने आईफोन को नए मॉडल से अपग्रेड करने वाले ग्राहकों की बड़ी संख्या अहम वजह रही। इसके अलावा मैक कंप्यूटर और सर्विसेज कारोबार ने भी कंपनी की ग्रोथ को मजबूती दी।

ग्लोबल रेवेन्यू 12% बढ़कर 114.5 अरब डॉलर पहुंचा

सितंबर तिमाही में एपल का दुनियाभर से कुल रेवेन्यू बढ़कर 114.5 अरब डॉलर यानी करीब 10.80 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 102.5 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी की कमाई में करीब 12% की बढ़ोतरी हुई।

पूरे वित्त वर्ष में भी एपल ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। कंपनी का सालाना रेवेन्यू 479 अरब डॉलर यानी करीब 45 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 416 अरब डॉलर था। इससे कंपनी की वैश्विक कमाई में लगातार बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।

आईफोन से हुई कुल कमाई की आधी हिस्सेदारी

सितंबर तिमाही में एपल की कुल कमाई में आईफोन का सबसे बड़ा योगदान रहा। कंपनी के कुल 114.5 अरब डॉलर के रेवेन्यू में करीब आधी हिस्सेदारी आईफोन की रही।

प्रोडक्ट/सेगमेंट रेवेन्यू कुल कमाई में हिस्सेदारी
आईफोन 57.6 अरब डॉलर 50.3%
सर्विसेज 31.6 अरब डॉलर 27.6%
मैक 10.8 अरब डॉलर 9.4%
वियरेबल 8.3 अरब डॉलर 7.3%
आईपैड 6.2 अरब डॉलर 5.4%
कुल 114.5 अरब डॉलर 100%

आंकड़ों के मुताबिक, आईफोन के बाद सर्विसेज कारोबार कंपनी की कमाई का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत रहा। मैक, वियरेबल और आईपैड की भी कुल रेवेन्यू में हिस्सेदारी रही।

पुराने आईफोन को अपग्रेड करने वाले ग्राहकों से मिली बढ़त

भारत में एपल की रिकॉर्ड कमाई के पीछे पुराने आईफोन को नए मॉडल से बदलने वाले ग्राहकों की बड़ी संख्या को अहम वजह बताया गया है। कंपनी के मुताबिक, बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपने पुराने आईफोन से नए मॉडल पर अपग्रेड किया।

इसके अलावा मैक कंप्यूटर की मांग और सर्विसेज कारोबार में बढ़ोतरी ने भी भारतीय बाजार में कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर बनाया। एपल के CEO जॉन टर्नस ने भारत को कंपनी के वैश्विक कारोबार के लिए एक अहम ग्रोथ इंजन बताया।

भारतीय बाजार में ग्रोथ के पीछे ये चार वजहें

भारत में महंगे स्मार्टफोन की मांग बढ़ने के पीछे कई बाजार संबंधी कारण भी बताए जा रहे हैं। इनमें आसान फाइनेंसिंग से लेकर छोटे शहरों तक बिक्री नेटवर्क का विस्तार शामिल है।

1. नो-कॉस्ट EMI और आसान लोन: किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलने से महंगे आईफोन खरीदना ग्राहकों के लिए पहले के मुकाबले आसान हो रहा है।

2. पुराने फोन पर बेहतर एक्सचेंज वैल्यू: पुराने स्मार्टफोन को बदलने पर अच्छी कीमत मिलने से नए आईफोन की खरीद की लागत कम हो जाती है।

3. मेड इन इंडिया का फायदा: भारत में आईफोन का उत्पादन बढ़ने से सप्लाई और बाजार में उपलब्धता को मजबूती मिली है।

4. छोटे शहरों तक पहुंच: टियर-2 और टियर-3 शहरों में एपल स्टोर और रीसेलर्स का नेटवर्क बढ़ने से नए ग्राहकों तक कंपनी की पहुंच बनी है।

भारत एपल के लिए अहम बाजार बनकर उभरा

ग्लोबल स्मार्टफोन बाजार में चुनौतियों के बीच भारत में एपल की रिकॉर्ड कमाई कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। आईफोन के साथ मैक और सर्विसेज कारोबार का योगदान भी बढ़ा है। आसान फाइनेंसिंग, एक्सचेंज ऑफर और छोटे शहरों में बढ़ती पहुंच ने भारतीय बाजार में कंपनी के कारोबार को विस्तार देने में भूमिका निभाई है।

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