बच्चों को ऑनलाइन पोर्नोग्राफिक कंटेंट से बचाने की जरूरत पर जोर

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि भारत में भी ऑस्ट्रेलिया की तरह 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जाए। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए

मदुरै बेंच की डिविजन बेंच के जस्टिस जी जयचंद्रन और जस्टिस के के रामकृष्णन ने यह टिप्पणी नाबालिगों को ऑनलाइन पोर्नोग्राफिक कंटेंट आसानी से मिलने की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की।

कोर्ट ने सुझाए कदम

  • इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) पर और सख्त नियम लागू किए जाएं।
  • ISP को अनिवार्य रूप से पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम देने के लिए कहा जाए।
  • माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को फिल्टर और नियंत्रित कर सकें।

ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण

  • ऑस्ट्रेलिया ने 9 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने पर बैन लगाया।
  • ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने इस तरह का बैन लागू किया।

याचिका में क्या मांगा गया

  • बच्चों को इंटरनेट पर अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट से बचाने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए।
  • राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), तमिलनाडु बाल अधिकार आयोग और ISP को निर्देश दिए जाएं कि पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम लागू करें।
  • स्कूलों और समाज में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

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