
अम्बेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा सांसद ने की। बैठक में जनपद में संचालित केंद्र व राज्य सरकार की प्रमुख विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की योजनावार गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचे और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
पूर्व बैठक की समीक्षा से हुई शुरुआत
बैठक की शुरुआत पिछली दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा से हुई। परियोजना अधिकारी डीआरडीए ने बिंदुवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कई योजनाओं में प्रगति संतोषजनक बताई गई, वहीं कुछ योजनाओं में अपेक्षित सुधार के निर्देश दिए गए।
मनरेगा से लेकर आवास तक योजनाओं की पड़ताल
बैठक में मनरेगा, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मार्जिन मनी योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का क्रियान्वयन तय मानकों के अनुसार किया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर सख्ती
कौशल विकास मिशन और अन्य योजनाओं के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने कहा कि केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि प्रशिक्षण की उपयोगिता और रोजगारपरकता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। नियमित समीक्षा कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
किसानों के लिए नहरों में समय पर पानी
बैठक में नहरों और माइनरों से किसानों को मिलने वाली जलापूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए कि फसलों की जरूरत के अनुसार समय-समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।








