सूरजपुर कोर्ट ने सरकार की याचिका ठुकराई, आरोपियों को नहीं मिली राहत

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित बिसाहाड़ा अखलाक लिंचिंग मामले में यूपी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सूरजपुर स्थित अदालत ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की सरकारी याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आरोपियों को राहत मिलने की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सरकार की ओर से केस वापसी की दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत इन तर्कों से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिका में ऐसा कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है, जिसके आधार पर मुकदमा वापस लिया जा सके।

अदालत ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। मुकदमे की सुनवाई पर कोई रोक नहीं लगेगी और ट्रायल आगे बढ़ेगा।

कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी 2026 तय की है और मामले की रोजाना सुनवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही अभियोजन पक्ष को गवाहों के बयान दर्ज कराने को कहा गया है।

इसके अलावा कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर और डीसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिया कि यदि गवाहों को सुरक्षा की आवश्यकता हो तो उन्हें उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। अखलाक परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील यूसुफ सैफी और अंदलीब नकवी ने बताया कि अदालत ने सरकार की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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