
- अंबेडकरनगर में स्वदेशी मेला-2025 चौथे दिन भी पूरी रफ्तार में
- स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और युवाओं को मिला नया मंच
- पारंपरिक शिल्प, तकनीकी नवाचार और वस्त्र उत्पादों में भारी रुचि
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर के लोहिया भवन, अकबरपुर में आयोजित स्वदेशी मेला-2025 अपने चौथे दिन पूरी रफ्तार में दिखा। प्रदेश के 75 जनपदों में आयोजित हो रहे इस मेले के तहत जनपद अंबेडकरनगर में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और हुनरमंद युवाओं को एक नया मंच मिला है, जहां वे अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं।
स्थानीय शिल्प की झलक, खरीदारों की भीड़
मेले में जिले के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों की भरमार रही। टांडा के वस्त्र उत्पाद, जरी-जरदोजी कढ़ाई, मिट्टी के बर्तन, दोना-पत्तल निर्माण की मशीनें, बुनाई और सिलाई के उपकरण खरीदारों के बीच प्रमुख आकर्षण रहे। दुकानदारों के अनुसार, पहले तीन दिनों की तुलना में रविवार को मेले में भारी भीड़ उमड़ी। आगंतुकों ने पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ-साथ तकनीकी नवाचारों में भी गहरी रुचि दिखाई।
कौशल विकास और युवा उद्यमिता को मिला मंच
रविवार को मेले का भ्रमण करने पहुंचे कौशल विकास मिशन, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान टांडा और जहाँगीरगंज के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से जुड़े स्टॉल पर विद्यार्थियों ने जानकारी ली और पंजीकरण कराया। यह अभियान जिले के लिए इसलिए भी गौरव का विषय है क्योंकि अंबेडकरनगर ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
उद्योग विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर लगातार भीड़ बनी रही। यहां स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, पंजीकरण प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, युवाओं में स्वरोजगार के प्रति बढ़ती जागरूकता साफ दिखाई दे रही है।








