नई दिल्ली। भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी ‘वाहक-6’ मल्टी-ड्रोन मदरशिप प्रणाली विकसित की गई है। इसे निजी कंपनी एंड्योरएयर ने सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के सहयोग से तैयार किया है। यह सिस्टम निगरानी से लेकर लक्ष्य की पहचान और दुश्मन के ठिकानों पर कार्रवाई में सेना की मदद कर सकता है।
बिना GPS के भी काम करने में सक्षम
‘वाहक-6’ सिस्टम की खासियत यह है कि यह GPS के बिना भी ऑपरेशन करने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल ऐसे इलाकों में किया जा सकता है, जहां GPS सिग्नल उपलब्ध नहीं हैं या बाधित किए गए हैं। सिस्टम का उद्देश्य सर्च, डिटेक्ट और डिस्ट्रॉय यानी लक्ष्य की खोज से लेकर उसकी पहचान और कार्रवाई तक सैन्य अभियानों को सहायता देना है।
हवा में एक साथ कई ड्रोन
इस मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम के जरिए एक साथ कई ड्रोन को हवा में तैनात किया जा सकता है। स्वार्म ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग ड्रोन को उनके काम के अनुसार इस्तेमाल किया जाता है, जिससे निगरानी और लक्ष्य की पहचान की क्षमता बढ़ती है।
‘अलख-एस’ करेगा निगरानी
सिस्टम में ‘अलख-एस’ ड्रोन लक्ष्य की खोज और निगरानी का काम करता है। लक्ष्य से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद मदरशिप और छोटे ड्रोन के बीच तेजी से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है।
सूचना मिलते ही कार्रवाई
अलख-एस से लक्ष्य की जानकारी मिलने के बाद संबंधित ड्रोन उस दिशा में कार्रवाई के लिए आगे बढ़ सकते हैं। इस तरह सिस्टम सर्च से डिटेक्ट और फिर डिस्ट्रॉय तक की प्रक्रिया में सेना को सहायता देने के लिए तैयार किया गया है।









