कोलकाता/नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) अचानक चर्चा में आ गई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पार्टी की स्थापना वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल के उत्तिया कुंडू और उनकी पत्नी शेउली कुंडू ने की थी।
पार्टी के आधिकारिक दस्तावेजों में उत्तिया कुंडू को अध्यक्ष और शेउली कुंडू को कोषाध्यक्ष बताया गया है। हाल ही में उत्तिया कुंडू ने सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ तस्वीर साझा करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी थी।
NCPI का कार्यालय हावड़ा के बानीपुर इलाके में स्थित है। सोमवार को यहां सुरक्षाबलों की तैनाती देखी गई। कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर उत्तिया कुंडू ने खुद को बंगाली समाचार पत्र का संपादक और शिक्षक बताया है, जबकि उनकी पत्नी शेउली को कलकत्ता हाईकोर्ट की अधिवक्ता बताया गया है।
पश्चिम बंगाल में पंजीकृत NCPI ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि पार्टी को चुनाव में खास सफलता नहीं मिली। उम्मीदवार या तो NOTA से पीछे रहे या उससे थोड़ा अधिक वोट ही हासिल कर सके। पार्टी को कुल करीब 1,198 वोट मिले थे और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक उसे लगभग 1.13 लाख रुपये का चंदा प्राप्त हुआ था।
चुनाव के दौरान पार्टी का नारा था- “अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें।” लेकिन त्रिपुरा चुनाव के बाद पार्टी की गतिविधियां लगभग बंद हो गईं।









