
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर के अकबरपुर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर एक सामान्य बातचीत धीरे-धीरे साइबर ठगी की परतों में बदल गई। मामला हाजीपुर की अनीता से जुड़ा है, जो फेसबुक पर रील्स बनाकर पोस्ट करती हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात फेसबुक पर ‘लक्ष्मण चौहान’ नाम की आईडी से हुई। शुरुआती बातचीत बिल्कुल सामान्य लगी, लेकिन जल्द ही यह बातचीत एक ऑफर में बदल गई।
1019 रुपये का ‘ट्रैप’, जो पहला दरवाजा था
आरोपी ने दावा किया कि वह उनके वीडियो के लाइक और कमेंट बढ़ा सकता है। इसके लिए सिर्फ 1019 रुपये की जरूरत बताई गई। यह रकम ही पूरे खेल का पहला कदम साबित हुई। भुगतान के बाद बातचीत का स्वर बदलने लगा और भरोसे की जगह तकनीकी निर्देशों ने ले ली।
बैंक खाते में चलती रही ‘अनदेखी निकासी’
कुछ समय बाद अनीता के बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 30 हजार रुपये निकल गए। यह पूरा लेन-देन इस तरह हुआ कि मोबाइल पर सामान्य मैसेज आते रहे, लेकिन असल में खाते से पैसे गायब होते रहे। कुल मिलाकर 31 हजार 19 रुपये की राशि ठगी की चपेट में आ गई।
‘और पैसे डालो’—यहीं खुला शक का दरवाजा
ठग ने इसके बाद भी 6 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की। इसी मांग ने पूरे खेल की परत खोल दी। पीड़िता को लगा कि यह कोई प्रमोशन नहीं, बल्कि सुनियोजित साइबर फ्रॉड है। लेकिन तब तक डिजिटल ट्रेल अपना काम कर चुका था और पैसा निकल चुका था।
अकबरपुर कोतवाली में दर्ज हुई साइबर केस फाइल
घटना के बाद अनीता ने अकबरपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय के अनुसार यह मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा है और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान की जा रही है।









