
- अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मस्जिद का लेआउट प्लान खारिज किया
- कई विभागों से एनओसी न मिलने के कारण हुई कार्रवाई
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली थी पांच एकड़ जमीन
अयोध्या। बाबरी मस्जिद की जगह मिलने वाली भूमि पर बनने वाली नई मस्जिद का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने खारिज कर दिया है। मस्जिद राम मंदिर से करीब 25 किलोमीटर दूर सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में प्रस्तावित थी। एडीए ने यह कार्रवाई कई विभागों से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न मिलने के कारण की है। इसका खुलासा एक आरटीआई के जवाब में हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवंटित हुई थी जमीन
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदू और मुस्लिम पक्ष को अपने-अपने धार्मिक स्थल बनाने के लिए जमीनें आवंटित की थीं। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन दी गई थी। 3 अगस्त 2020 को तत्कालीन अयोध्या डीएम अनुज कुमार झा ने यह जमीन धन्नीपुर गांव में ट्रांसफर कर दी।
2021 से लंबित था नक्शा
इंडो–इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट ने 23 जून 2021 को मस्जिद के नक्शे की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। ट्रस्ट ने आवेदन और जांच शुल्क के रूप में 4 लाख रुपए भी जमा किए थे। इसके बाद से मंजूरी को लेकर कोई अपडेट नहीं आया।
किन विभागों की एनओसी नहीं मिली
एडीए के मुताबिक पीडब्ल्यूडी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नागरिक उड्डयन, सिंचाई, राजस्व विभाग, नगर निगम, जिला मजिस्ट्रेट और अग्निशमन विभाग से एनओसी मांगी गई थी। अग्निशमन विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में पाया गया कि मस्जिद और अस्पताल की इमारत की ऊंचाई के अनुसार 12 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग की आवश्यकता थी, जबकि मौके पर सड़क की चौड़ाई अधिकतम 6 मीटर और मुख्य पहुंच मार्ग केवल 4 मीटर चौड़ा था।
ट्रस्ट ने जताई आपत्ति
मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और यूपी सरकार के आवंटन के बावजूद नक्शा खारिज होना चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा, “हमें किसी एनओसी या अस्वीकृति की आधिकारिक सूचना नहीं मिली। अब आरटीआई से स्थिति स्पष्ट हुई है, तो हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे।”








