
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर लोकसभा स्पीकर को नोटिस जारी किया
लोकसभा द्वारा अकेले बनाई गई तीन सदस्यीय जांच समिति की वैधता को चुनौती
राज्यसभा ने महाभियोग प्रस्ताव नामंजूर किया था
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी किया। याचिका में वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच के लिए लोकसभा द्वारा अकेले बनाई गई तीन सदस्यीय समिति की वैधता को चुनौती दी गई है।
मुख्य बिंदु:
- याचिका में कहा गया कि महाभियोग प्रस्ताव दोनों सदनों में लाया गया, लेकिन राज्यसभा ने इसे मंजूर नहीं किया।
- इसके बावजूद लोकसभा ने अकेले जांच समिति बनाई, जिसे याचिका में गलत बताया गया।
- सुप्रीम कोर्ट की बेंच जस्टिस दीपांकर दत्ता और एजे मसीह ने लोकसभा स्पीकर कार्यालय और दोनों सदनों के महासचिवों से जवाब मांगा।
- जस्टिस दत्ता ने पूछा कि राज्यसभा में प्रस्ताव नामंजूर होने के बावजूद समिति बनाने की प्रक्रिया कैसे हुई, जबकि संसद में सांसद और कानूनी विशेषज्ञ मौजूद थे।
घटना की पृष्ठभूमि:
- 14 मार्च को जज के दिल्ली आवास के स्टोर रूम में आग लगने के बाद जले हुए नोटों के बंडल मिले थे।
- इसके बाद जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया।
अगली सुनवाई:
- इस मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी 2026 को होगी।








