
- सिलेंडर धमाकों ने कैसे मचाई क्षेत्र में अफरातफरी?
- दमकल विभाग की तत्परता से कैसे बची औरतों और बच्चों की जानें?
- आग से नष्ट हुए घरों का नुकसान और उनके पुनर्निर्माण की राह
लखनऊ। फैजुल्लागंज के श्याम विहार कॉलोनी के पास सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब गैस सिलेंडरों में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में 62 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने मोर्चा संभाला और सात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। चीफ फायर ऑफिसर (CFO) मंगेश कुमार ने बताया कि सुबह 08:48 बजे बक्शी का तालाब फायर स्टेशन को एमडीटी के जरिये आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत फायर यूनिट्स को मौके पर रवाना कर दिया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए चौक, इंदिरा नगर, गोमती नगर, आलमबाग और हजरतगंज फायर स्टेशनों से अतिरिक्त फायर टैंकर, वाटर बाउज़र और आर्टिकुलेटिंग टावर भी मौके पर बुलाए गए।
50 से अधिक परिवार बेघर, घरेलू सामान खाक
CFO के अनुसार, हादसे में मोहम्मद दानिश, साबुर अली, नूर मोहम्मद, मोहम्मद रहीम अली, चांद मोहम्मद, रफीकुल अली, रफीक मियां, लालचंद मियां, फूलचंद अली, अमरचंद अली सहित करीब 50 झुग्गीवासियों के घर और उनकी गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया।
सोलर पैनल और मकान भी क्षतिग्रस्त
आग से पास में स्थित हरिराम के मकान को भी नुकसान पहुंचा है। मकान की दीवारों में दरारें आ गईं और छत पर लगे सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, बड़ी राहत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।








