
GST टीम के छापे के बावजूद बाजपेयी कचौड़ी भंडार में व्यस्त दिन
कचौड़ी के स्वाद ने ग्राहक का दिल जीता, जीएसटी के छापे का असर न हुआ
“ग्राहकों ने कहा- जीएसटी का छापा नहीं बदल सकता कचौड़ी का स्वाद
लखनऊ। हजरतगंज स्थित मशहूर बाजपेयी कचौड़ी भंडार शुक्रवार को GST विभाग की छापेमारी के बाद भी शनिवार को सामान्य व्यवसाय में लौट आया। दुकान के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार देखी गई, जो यह साबित करती है कि इस पुराने प्रतिष्ठान की लोकप्रियता पर कर विभाग की कार्रवाई का कोई असर नहीं हुआ।
ग्राहकों का प्यार बरकरार
- आशीष गुप्ता जैसे नियमित ग्राहकों ने बताया कि वे 10-12 साल से यहां आ रहे हैं
- “50 रुपए में पेट भरने का स्वादिष्ट विकल्प मिलता है, जबकि रेस्तरां में 500 रुपए खर्च होते हैं”
- आदर्श गुप्ता जैसे अन्य ग्राहकों ने कहा कि छापेमारी से उनके आने-जाने पर कोई असर नहीं पड़ा
छापेमारी का विवरण
- GST टीम ने शुक्रवार को POS मशीन जब्त की थी और अस्थायी रूप से दुकान सील की थी
- मालिक घनश्याम बाजपेयी (65) ने दावा किया कि उन्होंने अधिकारियों को सभी जानकारियां सही-सही प्रदान कीं
- दुकान शनिवार को पूरी तरह से चालू हो गई, जिसमें कचौड़ियां तलने और परोसने का काम सामान्य रूप से जारी रहा
क्यों खास है यह दुकान?
- दशकों से एक जैसा स्वाद बनाए रखने के लिए प्रसिद्ध
- मध्यम वर्ग के ग्राहकों के लिए सस्ती और स्वादिष्ट भोजन विकल्प
- लखनऊ की पुरानी खाद्य संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है
विभागीय जांच के बावजूद दुकान पर ग्राहकों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि पारंपरिक व्यवसायों में ग्राहकों का विश्वास सरकारी कार्रवाई से अप्रभावित रहता है, जब तक कि उत्पाद की गुणवत्ता और मूल्य निष्ठा बनी रहती है।








