
- 1.34 लाख रुपये के तत्काल टिकट, दो आरोपी गिरफ्तार
- मुंबई के ट्रैवल एजेंट और एयरपोर्ट कर्मियों की भूमिका संदिग्ध
- गिरोह देशभर में फैले नेटवर्क के जरिए करता था टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक बड़े टिकट गिरोह का खुलासा हुआ है, जो फ्लाइट के जरिए तत्काल रेलवे टिकट मंगवाकर भारी मुनाफे पर बेचता था। इस रैकेट का संचालन दक्षिण भारत के छोटे रेलवे आरक्षण केंद्रों के कर्मचारियों की मिलीभगत से किया जा रहा था। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) की क्राइम ब्रांच टीम ने इस गिरोह में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ऑर्डर पर बनते थे टिकट, फ्लाइट से पहुंचाए जाते थे लखनऊ
गिरोह ऑर्डर मिलने पर बेंगलुरु और हैदराबाद के आसपास के छोटे रेलवे स्टेशनों से तत्काल टिकट बुक करवाता था। इन टिकटों को कार्गो फ्लाइट के जरिए लखनऊ एयरपोर्ट भेजा जाता था, जहां से इन्हें ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। पकड़े गए आरोपियों के पास से कुल 20 यात्रियों के नाम पर बने 80 टिकट बरामद किए गए हैं। इनमें से एक टिकट की मूल प्रति और 19 टिकटों की फोटोकॉपी मौके से बरामद की गई।
1.34 लाख रुपये के टिकट की बुकिंग, RPF की कार्रवाई
RPF क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह यादव के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में संजय नगर मोतीझील थाना खाला बाजार के रहने वाले मोहम्मद कैफ पुत्र इसरार अहमद और संजय नगर करेहटा ऐशबाग निवासी गौरव उर्फ प्रिंस पुत्र रामचंद्र को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के पास से 1 स्कूटी, 1 मोटरसाइकिल और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने लगभग 1.34 लाख रुपये के तत्काल टिकट बुक कराए थे। ये टिकट विभिन्न एजेंटों और दलालों के माध्यम से बनाए गए थे, जिनका लिंक आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई छोटे आरक्षण केंद्रों से जुड़ा हुआ है।







