- अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने RSS को लेकर जताई आपत्ति
- अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान न देने की मांग
- RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से पहले आया बयान
वॉशिंगटन। अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग यानी USCIRF ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनके साथ उच्चस्तरीय बैठकों से बचने की अपील की है।
आसिफ महमूद ने लगाए आरोप
USCIRF के चेयरमैन आसिफ महमूद ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS से जुड़े संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों में शामिल होने के आरोप रहे हैं।
महमूद ने इन्हीं आरोपों के आधार पर अमेरिकी सरकार से RSS के प्रति सख्त रुख अपनाने की मांग की।
भागवत के अमेरिका दौरे से पहले बयान
USCIRF चेयरमैन का यह बयान RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिका दौरे से कुछ दिन पहले आया है। भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाएंगे।
न्यूयॉर्क में कार्यक्रम में शामिल होंगे भागवत
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) के ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशंस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
भागवत के विदेश दौरे से पहले USCIRF की टिप्पणी के बाद RSS और अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के बीच मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।









