
- घायल दरोगा मिथलेश प्रजापति के परिजनों का पुलिस कमिश्नर ऑफिस में धरना
- कमिश्नर ने 24 घंटे में हमलावरों की गिरफ्तारी का दिया आश्वासन
- वकीलों ने पुलिस कमिश्नर के तबादले की मांग के साथ नारेबाजी की
वाराणसी। कचहरी में दो दिन पहले हुए विवाद के बाद पुलिसकर्मियों पर हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को घायल दरोगा मिथलेश प्रजापति के परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने कहा कि घटना के तीसरे दिन भी गिरफ्तारी नहीं होने से वे आहत हैं। पुलिस कमिश्नर ने मुलाकात कर आश्वासन दिया कि हमलावरों को चिन्हित कर लिया गया है और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर परिवार ने 48 घंटे की मोहलत देकर धरना समाप्त किया।
कमिश्नर के बयान के बाद वकील आंदोलन पर उतर आए। डीएम ऑफिस के पोर्टिको में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। वकीलों ने पुलिस कमिश्नर के तबादले की मांग की। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
प्रदर्शनकारी वकीलों ने कहा कि पुलिस कार्यालय परिसर में अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जो न्याय व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर आघात है। अधिवक्ता विकास सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों का आचरण असंयमित और शर्मनाक है।
दरोगा मिथलेश प्रजापति के परिजनों ने कहा कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। मिथलेश के पिता ने सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे। पत्नी नीता यादव ने कहा कि पुलिस वकीलों के दबाव में काम कर रही है और अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई।







