
- कुलपति ने विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि मजबूत करने पर दिया जोर
- देरी और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर समयबद्ध प्रशासन की अपील
- अधिकारियों से संवाद में साझा चुनौतियों पर चर्चा
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने संस्थान की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर ऐसा वातावरण बनाएं जिससे विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि और सुदृढ़ हो।
शनिवार को केंद्रीय कार्यालय में अधिकारियों से संवाद करते हुए कुलपति ने कहा, “हम सभी कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन यह जरूरी है कि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी और जटिल प्रक्रियाएं संस्थान की दक्षता को प्रभावित न करें।” उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय होनी चाहिए और इन्हें निर्धारित समय में पूरा करना एक सामान्य परंपरा होनी चाहिए।
समयबद्ध कार्य संस्कृति की बात
कुलपति ने सभी इकाइयों के बीच लगातार संवाद और तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया, जिससे साझा समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने कहा, “बीएचयू जैसा संस्थान गर्व की बात है, इसलिए हमें समर्पण भाव के साथ अपनी भूमिकाओं का सर्वोत्तम निर्वहन करना चाहिए।”
अधिकारियों की समस्याओं पर विचार
संवाद के दौरान अधिकारियों ने कुलपति को अपने कार्य से जुड़ी कई समस्याओं से अवगत कराया। इस पर कुलपति ने कहा कि “हमें अपनी क्षमता को पहचानना और चुनौतियों का डटकर सामना करना होगा।”








